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इतिहास गुप्त साम्राज्य भाग – 07

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January 10, 2018

इतिहास के इस नए अंक में आपका स्वागत है। इतिहास एक ऐसा भाग है जो हरेक एग्जाम जैसे कि SSC , JSSC , RAILWAY , और राज्यों से संबंधित परीक्षाओं में पूछे जाते है। इस बात को ध्यान में रखते हुए मैं इतिहास से जुड़े सारे महत्वपूर्ण प्रश्नों को आपके सामने लाता हूँ। मैंने अपने पिछले अंक में ” इतिहास मौर्य साम्राज्य भाग – 6 ” के बारे में लिखा था। इस अंक में गुप्त साम्राज्य से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न आपके सामने रखूँगा जो कि आगामी परीक्षाओं में आपकी मदद करेगा

इतिहास गुप्त साम्राज्य भाग – 07

गुप्त साम्राज्य

गुप्त साम्राज्य की राजधानी      –     पाटलिपुत्र

गुप्त वंश का संस्थापक           –      श्री गुप्त

गुप्त साम्राज्य का उदय         –        चन्द्रगुप्त प्रथम ( 320 ई . पू )

चन्द्रगुप्त प्रथम ने गुप्त संवत की शरूआत की

चन्द्रगुप्त प्रथम ने लिच्छवी की राजकुमारी कुमार देवी से शादी की

चन्द्रगुप्त प्रथम का उत्तराधिकारी      –     समुद्रगुप्त  ( 335 ई . पू )

समुद्रगुप्त प्रथम ने आर्यावर्त के 9 जगह और दक्षिणा वर्त के 12 जगह के शासको को हराया था |

समुद्रगुप्त को भारत का नेपोलियन कहा जाता है |

समुद्रगुप्त विष्णु का उपासक था |

हरिशेन समुद्रगुप्त का दरवारी कवि था |

समुद्रगुप्त संगीत का प्रेमी था |

समुद्रगुप्त को अश्वमेधकर्ता और विक्रमंक की उपाधि मिली

समुद्रगुप्त को कविराज भी कहा जाता है |

समुद्रगुप्त का उत्तराधिकारी    –    चन्द्रगुप्त द्वितीय जिसे विक्रमादित्य के नाम से भी जानते है |

चन्द्रगुप्त द्वितीय ने 380 ई . में राजगद्दी संभाली |

चीनी यात्री फाहियान    –   चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासन काल में भारत आया |

फाहियान बोद्ध धर्म को मानने वाला था |

चन्द्रगुप्त द्वितीय ने शको को हराया था |

चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में कालिदास  ( संस्कृत भाषा के कवि ) भी थे |

आयुर्वेद का ज्ञाता     –    धन्वन्तरी भी चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में था |

विष्णु शर्मा द्वारा लिखी गई पुस्तक पंचतंत्र  ( संस्कृत भाषा ) को संसार का सबसे प्रचलित ग्रन्थ मन जाता है ये भी चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासन काल में इनके दरबार में थे |

आर्यभट , वराहमिहिर , ब्रह्मगुप्त , वात्स्यायन जेसे विद्वान चन्द्रगुप्त द्वितीय के दरबार में ही रहते थे |

चन्द्रगुप्त द्वितीय का उतराधिकारी     –    कुमारगुप्त

कुमारगुप्त प्रथम ने नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना की

कुमारगुप्त प्रथम का उतराधिकारी      –      स्कंधगुप्त

गुप्त वंश का अंतिम शासक       –      भानुगुप्त

गुप्त साम्राज्य की सबसे बड़ी प्रादेशिक इकाई क्या कहलाती थी       –         देश

देश पर शासन करने वाले को  ” गोपा ” कहते थे |

गुप्त साम्राज्य की दूसरी सबसे  बड़ी इकाई क्या कहलाती थी       –      भुक्ति ( भुक्ति पर शासन करने वाला उपरिक कहलाता था )

गुप्त साम्राज्य की सबसे छोटी इकाई     –    ग्राम

गुप्त काल में सबसे महत्वपूर्ण व्यपार का केंद्र      –    उज्जैन

गुप्त काल में वेश्यावृति करने वाली महिला को गणिका कहते थे |

गुप्त काल में वृद्ध वेश्या को ” कुट्टनी ” कहते थे |

गुप्तकाल में सबसे ज्यादा सोने की मुद्रा जारी की गई थी

गुप्त काल के सभी सम्राट वैष्णव धर्म से संबंध रखते थे और झाँसी का दशावतार मंदिर है जो वैष्णव धर्म से संबंधित है

मुझे उम्मीद है कि आपलोग को इस भाग से जयादा जानकारी हासिल हो और SSC एवं JSSC जैसे एग्जाम को आसनी ने क्रैक कर सको | अपने जानकारी को अपने दोस्तों के बीच में शेयर करे और डेली समाचार के लिए CURRENT AFFAIRS GROUP को भी JOIN करे एवं अपने दोस्तों को भी JOIN करवाए |

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Ravi Kumar

I am a B.Ed. student at k.k.m college pakur. I am interested in teaching and sharing my knowledge. I love to teach math to students.

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