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इतिहास मगध साम्राज्य भाग – 5

Profile photo of Ravi Kumar Ravi Kumar
November 17, 2017


इतिहास के इस नए अंक में आपका स्वागत है । इतिहास SSC , JSSC और बहुत से सरकारी परीक्षाओ में पूछे जाते है । इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए मैं इतिहास से जुड़े सारे महत्वपूर्ण प्रश्नो को आपके सामने लाता हूँ । मैंने अपने पिछले अंक में ” इतिहास इस्लाम एवं ईसाई धर्म महत्वपूर्ण प्रश्न भाग – 4 ” के बारे में लिखा था । इस अंक में मगध साम्राज्य से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न आपके सामने रखूँगा जो की आगे परीक्षाओ में आपकी मदद करेगी ।

इतिहास मगध साम्राज्य भाग – 5

● मगध साम्राज्य की राजधानी  –  राजगृह  , एवं 684 ई . पू. से  320 ई . पू. के बीच का समय काल

● मगध साम्राज्य पर शासन करने वाले  –  हर्यक वंश , शिशुनाग वंश और नंद वंश

 हर्यक वंश : बिम्बिसार , अजातशत्रु , उदायीन

● बिम्बिसार हर्यक वंश का संस्थापक था।

● बिम्बिसार 545 ई . पू . में गद्दी पर बैठा था।

● बिम्बिसार ने 52 वर्षों तक शासन किया।

● बिम्बिसार बुद्ध धर्म का अनुयायी था और महात्मा बुद्ध की सेवा के लिए राजवैद्य जीवक को उनके पास भेजा था।

● बिम्बिसार ने कौशल नरेश ( प्रसेनजीत ) की बहन से विवाह किया और दहेज में काशी प्रान्त मिला।

● दूसरा विवाह वैशाली के चेटक की पुत्री चेल्लाना ( राजकुमारी ) से किया , जिससे यह उत्तरी सीमा में सुरक्षित हो गया।

● बिम्बिसार ने एक और विवाह मुद्रा ( वर्तमान का पंजाब ) की राजकुमारी क्षेमा से किया।

● बिम्बिसार की हत्या उसके ही पुत्र अजातशत्रु ने की ओर गद्दी पर बैठा

● अजातशत्रु का उपनाम  –  कुणिक

● अजातशत्रु ने 32 वर्षों तक शासन किया।

● अजातशत्रु पहले जैन धर्म का अनुयायी था बाद में बुद्ध धर्म अपनाया।

● कौशल और मगध के बीच अशांति बढ़ रही थी , तभी कौशल के राजा ने शांति के लिए मजबूरन अपनी बेटी की शादी अजातशत्रु से कर दी और काशी अजातशत्रु को दे दी।

● अजातशत्रु की हत्या उसके पुत्र उदायीन ने कर दी।

● उदायीन अजातशत्रु का उत्तराधिकारी बना।

● इसने पाटलिपुत्र की नींव रखी और राजधानी जो राजगृह थी उसको पाटलिपुत्र कर दी।

● उदायीन जैन धर्म का अनुयायी था।

● हर्यक वंश का अंतिम शासक ‘ नागदशक ‘ था , यह उदायीन का पुत्र था।

● नागदशक शासन के लिए अयोग्य पाया गया और इसका मंत्री शिशुनाग गद्दी पर बैठ गया।

शिशुनाग वंश : शिशुनाग ने अवंती राज्य को जीत लिया

● शिशुनाग ने मगध की राजधानी वैशाली को बनाया।

● शिशुनाग का उत्तराधिकारी ‘ कालाशोक ‘ बना जिसने पाटलिपुत्र को राजधानी बनाया।

● शिशुनाग वंश का अंतिम शासक ‘ नन्दिवर्धन ‘ था।

नन्दवंश : यह पहला गैर क्षत्रीय राजवंश था और इसके संस्थापक महापद्या नंद थे।

● धनानंद / घनानंद नन्दवंश का अंतिम शासक था।

● इसके शासनकाल में एलेक्सजेंडर ने भारत पर आक्रमण किया था।

● धनानंद का तख्ता पलट चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा 322 ई . पू . में किया गया , जिससे मौर्य साम्राज्य की स्थापना हुई।

मुझे उम्मीद है की ये प्रश्न आपको SSC / JSSC या अन्य परीक्षाओं के तैयारी में मदद करेंगे । अगर पसंद आया तो शेयर करे फेसबुक में और अपने दोस्तों से साझा करे । आप Current Affairs Group को भी ज्वाइन कर सकते है ।



Ravi Kumar

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I am a B.Ed. student at k.k.m college pakur. I am interested in teaching and sharing my knowledge. I love to teach math to students.

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