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इतिहास मौर्य साम्राज्य भाग – 6

Profile photo of Ravi Kumar Ravi Kumar
December 1, 2017


इतिहास के इस नए अंक में आपका स्वागत है। इतिहास एक ऐसा भाग है जो हरेक एग्जाम जैसे कि SSC , JSSC , RAILWAY , और राज्यों से संबंधित परीक्षाओं में पूछे जाते है। इस बात को ध्यान में रखते हुए मैं इतिहास से जुड़े सारे महत्वपूर्ण प्रश्नों को आपके सामने लाता हूँ। मैंने अपने पिछले अंक में ” इतिहास मगध साम्राज्य भाग – 5 ” के बारे में लिखा था। इस अंक में मौर्य साम्राज्य से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न आपके सामने रखूँगा जो कि आगामी परीक्षाओं में आपकी मदद करेगा।

इतिहास मौर्य साम्राज्य

● मौर्य साम्राज्य / मौर्य वंश के संस्थापक  –  चंद्रगुप्त मौर्य

● चंद्रगुप्त मौर्य का जन्म  –  345 ई. पू.

● घनानंद ( मगध साम्राज्य ) को चंद्रगुप्त ने हराया।

● घनानंद को हराने में चंद्रगुप्त की मदद किसने की  –  चाणक्य / कौटिल्य / विष्णुगुप्त

● चाणक्य की एक पुस्तक है  –  अर्थशास्त्र ( राजनीति से संबंधित )

● चंद्रगुप्त जैन धर्म को मानता था।

● चंद्रगुप्त ने 305 ई. पू. में सेल्युकस निकेटर को हराया था

● सेल्युकस निकेटर की पुत्री का नाम  –  कार्नेलिया

● सेल्युकस ने काबुल , हेरात , कंधार और मकरान प्रान्त चंद्रगुप्त को दे दिया।

● चंद्रगुप्त मौर्य का विवाह कार्नेलिया से हुआ।

● सेल्युकस निकेटर का राजदूत  –  मेगास्थनीज

● इंडिका नामक पुस्तक के लेखक  –  मेगास्थनीज

● चंद्रगुप्त अपना अंतिम समय श्रवणबेलगोला ( कर्नाटक ) में बिताया और 298 ई. पू. में मृत्यु हो गई।

 बिंदुसार  :- ( अमित्रघात – शत्रु का नाश करनेवाला )

● बिंदुसार को भद्रसर भी कहा जाता है।

अशोक  – बिंदुसार का उत्तराधिकारी बना।

● अशोक को अशोकबर्धन भी कहा जाता है।

● अशोक ने कलिंग पर आक्रमण 261 ई. पू. में किया और उसकी राजधानी तोसली को अपने कब्जे में ले लिया।

● अशोक बौद्ध धर्म को मानते थे।

● प्रचार के लिए महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था।

● शिलालेख का प्रचालन अशोक के शाषण काल से माना जाता है।

● अशोक के शासन काल मे ब्राह्मी , खरोष्ठी , ग्रीक और अरमाईक लिपि का प्रचलन था।

● अभिलेख –  शिलालेख , स्तम्भलेख , गुहालेख

● अशोक की शिलालेख की संख्या  –  14

● अशोक के शिलालेख की खोज 1750 ई. में हुई

● 1837 ई. में पहली बार जेम्स प्रिंसेप ने अभिलेख पढ़ने में सफलता हासिल की।

शिलालेख :- • पहला शिलालेख  –  पशुबली की निंदा की गई है।

• दूसरा शिलालेख  –  मनुष्य एवं पशु दोनों की चिकित्सा व्यवस्था के बारे में बताया गया है।

• तीसरा शिलालेख  –  राजकीय अधिकारियों को यह आदेश दिया गया है कि वह हर 5 वे वर्ष के बाद दौरे पर जाएँ एवं कुछ धार्मिक नियम का उल्लेख किया गया है।

• छठा शिलालेख  –  आत्म नियंत्रण की शिक्षा दी गई है।

• सात एवं आठ शिलालेख  –  अशोक की तीर्थयात्रा के बारे में ।

• नोवाँ शिलालेख  –  सच्चे शिष्टाचार के बारे में।

• ग्यारहवाँ शिलालेख  –  धम्म के बारे में

• तेरहवाँ शिलालेख  –  कलिंग युद्ध का वर्णन

• चौदहवाँ शिलालेख  –  जनता को धार्मिक जीवन बिताने के लिए

★ स्तम्भलेख की संख्या  –  7

• लिपि – ब्राह्मी लिपि

• सबसे छोटा स्तम्भलेख  –  रूम्मिदेइ

• मौर्य साम्राज्य में प्रान्त की संख्या  –  5

• प्रान्त को चक्र भी कहा जाता था।

• प्रान्त के प्रशासक  –  कुमार / आर्यपुत्र कहे जाते थे।

• बिक्री कर  –  मूल्य का दसवां भाग वसूला जाता था।

• बिक्री कर को छुपाने वाले को  –  मृत्युदंड भी दिया जाता था

• युद्ध क्षेत्र सेना का नेतृत्व  –  नायक करता था।

• सेना का सबसे बड़ा अधिकारी  –  सेनापति

• सरकारी भूमि  –  सीताभूमि कहलाता था।

• अंतिम मौर्य राजा बृहद्रथ था।

● बृहद्रथ को पुष्यमित्र शुंग ने हराया।

● शुंग वंश की स्थापना पुष्यमित्र शुंग ने किया था। ये इंडो – यूनानी था , ये दो बार अश्वमेघ कराया

● शुंग वंश का अंतिम शासक देवभूति था , इसकी हत्या 73 ई. में कर दी गई।

● काल क्रम  –  हिन्द , यूनानी , शक , पहलव  , कुषाण

● कुषाण वंश की स्थापना  –  कुजुल कंडफिसेस

● कुषाण वंश का प्रतापी राजा  –  कनिष्क

● कनिष्क की राजधानी  –  पुरुषपुर / पेशावर

● दूसरी राजधानी  –  मथुरा

● शक संवत – इसकी स्थापना 78 ई. में हुआ जब कनिष्क गद्दी पर बैठा।

● कनिष्क बौद्ध धर्म ( महायान ) को मानते थे।

● कनिष्क का राजकवि  –  अश्वघोष , जो की बुद्धचरितं ( बौद्धों की रामायण ) के लेखक थे

● सूत्रालंकार पुस्तक के लेखक  –  अश्वघोष

● चरक –  राजवैद्य ( चरकसंहिता पुस्तक )

● नागार्जुन  –  भारत का आइन्सटीन ( इनकी पुस्तक का नाम – माध्यमिक सूत्र है ) सापेक्षता का सिद्धांत नागार्जुन ने ही दिया था।

मुझे उम्मीद है कि ये प्रश्न आपको SSC / JSSC या अन्य परीक्षाओं के तैयारी में मदद करेंगें। अगर पसंद आया तो शेयर करे फेसबुक में और अपने दोस्तों से साझा करें। आप Current Affairs Group को भी join कर सकते है।



Ravi Kumar

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I am a B.Ed. student at k.k.m college pakur. I am interested in teaching and sharing my knowledge. I love to teach math to students.

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